चार दिन तक चलने वाला ये पर्व छठ पूजा का काफी विशेष विशेष महत्व होता है | इस दौरान व्रत रखकर पूरे विधि-विधान से छठी मैया की पूजा की जाती है | इस पर्व में फल चढ़ाने का भी खास महत्व होता है |  

तो ऐसे में हम आपको बताएंगे की किन फलों के बिना छठ पूजा को अधूरी मानी जाती है | आईए जाने उन फलों के बारे में – 

नारियल – इसे श्री फल भी कहां जाता है | मान्यता है कि छठ में नारियल चड़ाने अनिवार्य होता है | ऐसा करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है |

केला छठी मैया को केला बहुत पसंद है | इसे भगवान विष्णु का प्रिय फल माना जाता है | ऐसे में छठी मैया को प्रसन्न करने के लिए चढ़ाया जाता है |

गन्ना - यह भी छठी मैया के प्रिय फलों में शामिल है | बहुत लोग इस पर्व में गन्ने का घर बनाकर उसमे पूरे परिवार के साथ बैठकर पूजा अर्चना करते है | ऐसे करने से घर में सुख- समृद्धि आती है |

डाभ नीबू – यह देखने में बड़ा और पीले रंग का होता है | डाभ नीबू छठी मैया का प्रसन्न करने के लिए चढ़ाया जाता है इसके बिना ये पर्व अधूरा होता है |

सिघाड़ा – छठ पूजा के त्योहार में छठी मैया को सिघाड़े भी चढ़ाए जाते है | कहा जाता है कि छठी मैया को सिघाड़ा चढ़ाने से पूरे परिवार पर उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है |

सुपारी- इसे माँ लक्ष्मी का प्रिय फल माना जाता है, जिसके बिना कोई भी पूजा अधूरी होती है | ऐसे में छठ पूजा में सुपारी का अत्यंत महत्व है |

परम विधि विधान से छठ मैया की पूजा करने से छठ मैया सब मंगल करती है |  स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करे |