Bhajan Name- Bhesh Anokha Bhajan Lyrics ( भेष अनोखा शिव भोले का भस्मि तन पे रमाये भजन लिरिक्स )
Bhajan Lyric-Chandra Prakash
Bhajan Singer-Lakhbir Singh Lakkha
Music Label-
भेष अनोखा शिव भोले का,
भस्मि तन पे रमाये,
बिछुअन के कुण्डल है पहनें,
नाग गले लपटाये,
काल भी आ के महाकाल के,
चरणों में शीश नवाये,
महादेव है ये विष पीकर,
नीलकंठ कहलाए।
शिव जी की है महिमा न्यारी
जय हो भोले नाथ तुम्हारी
करते है बाबा बैल सवारी
जय शिव शंभू जय तिपुरारी
भोले की है महिमा न्यारी
जय हो भोले नाथ तुम्हारी
करते है बाबा बैल सवारी
जय शिव शंभू जय तिपुरारी
शिव की जटा से निकल के गंगा,
लहर लहर लहराए,
शिव चाहे तो घोर हलाहल भी,
अमृत बन जाए।
भूत-प्रेत है साथ में रहते,
बम बम भोले नाथ जो कहते,
एक बार जो शिव को पुकारे,
पल मैं उसके भाग्य संवारे,
शिव के पावन चरण चूम के,
पापी भी तर जाए,
उसका जीवन धन्य हुआ,
जो शिव के दर्शन पाए।
बैद्यनाथ कही इनको जानें,
विश्वनाथ कही इनको मानें,
कावड़ में भर के गंगा जल,
भक्त है आते इनको मनाने,
भूतनाथ का दर्शन पाने,
अमरनाथ को शीश झुकाने,
कावड़ में भर के गंगा जल,
भक्त है आते इनको मनाने,
सबके दुःख बाबा दूर है करते,
जब भी संकट आये,
तूफानों में सबकी नैय्या,
शिव ही पार लगाए।
भेष अनोखा शिव भोले का,
भस्मि तन पे रमाये,
बिछुअन के कुण्डल है पहनें,
नाग गले लपटाये,
काल भी आ के महाकाल के,
चरणों में शीश नवाये,
महादेव है ये विष पीकर,
नीलकंठ कहलाए।