Bhajan Name – Das Raghunath Ka Nand Sut Ka Sakha Bhajan Lyrics ( दास रघुनाथ का नन्द सुत का सखा भजन लिरिक्स )
Bhajan Lyric-
Bhajan Singer- Pujya Shri Indresh Ji Maharaj
Music Label-
दास रघुनाथ का नन्द सुत का सखा,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
सुख मिला श्री अवध और बृजवास का,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
मैथली ने कभी मोद मोदक दिया,
राधिका ने कभी गोद में ले लिया,
मात सत्कार में मस्त होके सदा,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
खूब ली है प्रसादी अवध राज की,
खूब जूठन मिली यार बृजराज की,
भोग मोहन चखा दूध माखन चखा,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
उस तरफ द्वार दरबान हु राज का,
इस तरफ दोस्त हु दानी सिरताज का,
घर रखता हुआ जर लुटता हुआ,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
कोई नर या इधर या उधर ही रहा,
कोई नर या इधर ना उधर ही रहा,
बिन्दु दोनों तरफ ले रहा है मजा,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे,