Bhajan Lyric-Manoj Muntashir Shukla
Bhajan Singer-Rishi Singh
Music Label-
एक अयोध्या धाम
कोटि तीर्थ से पावन वो रज
जहां हुए हैं राम
अवध की धूल चंदन है
ये तुलसीदास कहते हैं
वही हमको भी रहना है
जहां श्री राम रहते हैं
हमारे राम रहते हैं
ये तुलसीदास कहते हैं
अवधपुरी का महिमा मंडन,
कहां हमारे बस का,
इस नगरी का कण-कण साक्षी,
रामचरित मानस का,
यही हनुमान ने सीना चीर II
दिखाई राघव की तस्वीर II
भरत जी यही खड़ा हो चूम के रोए II
ये तो है चौपाई से घाट II
गवाइए गाए इनके ठाट II
यही तो पाव हमारे राम ने धोये II
ये सरजू माँ है इनके जल में
आशीर्वाद बहते हैं।
शुभ आशीर्वाद बहते हैं।
वहीं हमको भी रहना है
जहां श्री राम रहते हैं।
नगर धरा पर अनगिन होई II
अवधुरी सब प्रिय नहीं कोई II
दक्षिण में है वन मन भावन II
उत्तर में वही सरजू पावन II
हर घर मंदिर राम लला का II
हर पल जैसे राम शरा का II
अधिकारी शत शत वंदन की II
जन्मभूमिया रघुनंदन की II
ये वो नगरी है जिस नगरी में
चारों धाम रहते हैं
अवध की धूल चंदन है
ये तुलसीदास कहते हैं
वही हमको भी रहना है
जहां श्री राम रहते हैं।