Bhajan Name- Jinki Kripa Se Zindagi Katti Hai Saan Se Bhajan Lyrics ( जिनकी कृपा से जिंदगी कटती है शान से भजन लिरिक्स )
Bhajan Lyric –
Bhajan Singer – Ranjeeta Shahi
Music Lable-
जिनकी कृपा से जिंदगी
कटती है शान से
दोहा – हर ख़ुशी मिल रही,
हे श्याम तेरे दरबार से,
आई हूँ शरण तिहारी जबसे,
खाली ना आई मैं हर बार रे।
जिनकी कृपा से जिंदगी,
कटती है शान से,
उनको रिझा रही हूँ मैं,
सरगम की तान से।।
तर्ज – तेरी कृपा से ही चले।
महिमा मैं जब से गा रही,
वाणी के रूप में,
करुणा की छाँव मिल रही,
संकट की धूप में,
कश्ती भवर से निकली है,
हर एक तूफ़ान से,
उनको रिझा रही हूँ मैं,
सरगम की तान से,
जिनकी कृपा से ज़िन्दगी,
कटती है शान से।।
है कौन जिसपे श्याम का,
जादू नहीं चला,
जादू से इसके कोई,
कैसे बचे भला,
मुस्कान इसकी भक्तों को,
मारे है जान से,
उनको रिझा रही हूँ मैं,
सरगम की तान से,
जिनकी कृपा से ज़िन्दगी,
कटती है शान से।।
इनकी कृपा के प्रेमियों,
वाह वाह क्या बात है,
ऊँगली अगर बढ़ाओ तो,
पकडे ये हाथ है,
गाता सकल जगत यही,
दिल से जुबान से,
उनको रिझा रही हूँ मैं,
सरगम की तान से,
जिनकी कृपा से ज़िन्दगी,
कटती है शान से।।
जिनकी कृपा से ज़िन्दगी,
कटती है शान से,
उनको रिझा रही हूँ मैं,
सरगम की तान से।।