Bhajan Name- Mhara Pag Ghunghru Bandh Jaawe Re Bhajan Lyric
म्हारे पग घुंघरू बंध जावे रे भजन लिरिक्स
Bhajan Lyric- Sarita Sharma
Bhajan Singer- Vivek Sharma ‘Jitu’
Music Label- Vivek Sharma ‘Jitu’
ओ म्हारे पग घुंघरू बंध जावे रे,
माघ महीनो बीत्यो फागुण,
नीड़े आवे रे,
नीड़े आवे रे श्याम को,
मेले आवे रे,
ओ म्हारे ओ म्हारे ,
ओ म्हारे पग घुंघरू बंध जावे रे,
माघ महीनो बीत्यो फागुण
नीड़े आवे रे II
पिछली साल ते कोल करा था,
म्हारे से सरकार,
तन्ने बुलाशु बेटा अगले,
फागुन से परिवार,
हो मणरो उड़-उड़ ,
खाटू जावे रे जावे रे,
म्हारों मनड़ो म्हारे ही ना,
बस में आवे रे,
म्हारे पग घुंघरू बंध जावे रे,
माघ महीनो बीत फागुण,
नीड़े आवे रे II
धमक द्वार जग सेवकिया के
आँखया आगे आवे,
ठुमक ठुमक तब थक्या पैर भी,
सरपट भाग्या जावे,
ओ हाथा श्याम निशान ते लाय्वे रे,
लाय्वे रे जंग की थाप पे नाच नाच,
जयकार लगावे रे,
म्हारे पग घुंघरू बंध जावे रे,
माघ महीनो बीत्यो फागुण,
नीड़े आवे रे II
ग्यारस की व रात सुहानी,
कीर्तन माही बीते,
हर कीर्तन के हर प्रेमी में,
खाटू वालों दिखे,
ओ सरिता श्याम मिलन ने आवे रे,
आवे रे उछल उछल कर जितू,
श्याम ने भजन सुनावे रे,
म्हारे पग घुंघरू बंध जावे रे,
माघ महीनो बीत्यो फागुण,
नीड़े आवे रे II
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