Bhajan Name – Pragati Shree Radha Roop Aghadha Bhajan Lyrics ( प्रगटी श्री राधा रूप अगाधा भजन लिरिक्स )
Bhajan Lyric-
Bhajan Singer-Pujya Shri Indresh Ji Mahara
Music Label- BhaktiPath
प्रगटी श्री राधा
रूप अगाधा
सब सुख साधा नावे
मुनि प्रेम अगाधा
में टन वाधा
लख रहीं सोटी लजावे
ब्रज घर घर माई
बटे बधाई
सब मिल मंगल गाई
कीरत बढ़ भागी
अति सुख पागी
पुरजन करत बढ़ाई
सुर नर मुनि हर्षे
सुम नई बरसे
चढ़े विमाना आये
भये चित्र से ठाड़े
लख सुर बाड़े
बाजे विविध बजावे
नारद सनकादी
शिव ब्रह्मा आदी
भगू आदिक मुनि जेते
इंद्रादिक जे जहां सुकर
ते कहा
आए सजन सवेते
शिव मिलकर जोरे
करत निहोरे
जय जय भानु दुलारी
जय कीर्ति कुमारी
जय हरि प्यारी
जय जय सुखदातारी
जय नित्य किशोरी
प्रिय चित चोरी
यह विनती सुन लीजे
ब्रजवास ही दीजे
ब्रज रस पीवे
चरण शरण गह लीजे।
कर जोर मनाऊं
यह वर पाऊं।
दंपति यश नित गाऊं।
पद कमल सुतोरा
मधु मुष मोरा
मन नित जहां बसाऊं।
एहि भांति सकल
सुर स्तुति करके
निश निश धाम सिधारे।
नंदाद आए अति हरसाए।
सब मिल कंठ लगाए
सब ही जन गावे
सब ही बजावे
सब ही दहिले भाजे
बरसाने आए विदिन सहाए
जय जयकार करावे
जय जयकार करावे
जय जयकार करावे
बोलो वृषभानु दुलारी की जय