Bhajan Lyric-
Bhajan Singer-Nikunj Kamra Bhajan
Music Label-
नैनन सो रस बरसे रसिया
मेरा पीवन कोमल तरसे
नैनन सो रस बरसे रसिया
शीश मुकुट शोभा अति न्यारी।
और गलन पे अलके मतवारी
नाक में मोती लटके रसिया
शीश पे हीरा दमके
कटी पीतांबर तन पर साजे
ये माखन मिश्री हाथ में धारे
देख जिया मेरा हर्ष
एक रज रेणुका पे चिंतामणि वार डालो
तेरी एक रज रेणुका पे चिंतामणि वार डालो
वार डालो विश्व सेवा कुंज के बिहार पे
मैं वार डालू विश्व सेवा कुंज के बिहार पे
लतन के पतन पे कोटि कल्प वृक्ष वानो
तेरे रमभा को वार डालो गोपिन के द्वार पे
और ब्रज की परिहारन पे सचि रची वार डालू
और बैकुंठ वार डालूं कालिंद की धार पे
बैकुठ वार डारू कालिंदी की धार पे
कहे अभिराम एक राधा जो को जानत हो
अरे देवन को वार डालो नंद के कुमार पे
नैनन सो रस बरसे रसिया
मेरा पीवन कोमल तरसे
नैनन सो रस बरसे रसिया