Bhajan Name – Saras Kishori Bhajan Lyrics ( सरस किशोरी वयस की थोरी भजन लिरिक्स )
Bhajan Lyric-Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
Bhajan Singer-Shyam Bihari Das (Shivam Chaurasia),Jay Shree Devi Dasi (Yashi Parihar)
Music Label-
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
साधन-हीन, दीन मैं राधे,
तुम करुणामयीप्रेम अगाधे,
काके द्वारेजाय पुकारे,
कौन निहारे, दीन दुःखी की ओर,
करत अघन नहीं नेकउ घाऊँ,
भरत अगर जो सुकर धाऊ,
करी बरजोरी लखि निज ओरि,
तुम बिनु मोरी, कौन सुधारे दोर,
भलो बुरो जैसो हूँ मै तिहारो,
तुम बिनु कोउ न हितु हमारो,
भानुदुलारी, सुधि लो हमारी,
शरण तिहारी, हौं पतितन सिरमोर।
गोपी-प्रेम की भिक्षा दीजै,
कैसे हुँ मोहिं अपनी करि लीजै
तव गुन गावत, दिवस बितावत
हृदय भर आवत, बहवे प्रेम विभोर।
पाय तिहारो प्रेम किशोरी,
छाके प्रेमरस ब्रज की खोरी,
गति गजगामिनि, छवि अभिरामिनी,
लखि निज स्वामिनी, बने ‘कृपालु’ चकोर।