Bhajan Name – Saras Kishori Vayas ki Thori Bhajan Lyrics ( सरस किशोरी वयस कि थोरी भजन लिरिक्स )
Bhajan Lyric-
Bhajan Singer- Pujya Shri Indresh Upadhyaya Ji
Music Label-
सरस किशोरी,
वयस कि थोरी,
रति सर बोरी,
कीजै कृपा की कोर,
श्री राधे कीजै कृपा की कोर II
साधन हीन,
दीन मैं राधे,
तुम करुणामई प्रेम-अगाधे,
काके द्वारे, जाय पुकारे,
कौन निहारे,
दीन दुखी की ओर,
श्री राधे कीजै कृपा की कोर II
करत अघन नहिं नेकु उघाऊँ,
भजन करन में ना मन को लगाऊ,
करी बरजोरी,
लखि मम् ओरी,
तुम बिनु मोरी,
कौन सुधारे दोर,
श्री राधे कीजै कृपा की कोर II
गोपी-प्रेम की भिक्षा दीजै,
कैसे हुँ मोहिं अपनो करी लीजै,
तोर गुण गावत,
दिवस बितावत,
दृग बरसावत,
मैं होय प्रेम-विभोर,
श्री राधे कीजै कृपा की कोर II
सरस किशोरी,
वयस कि थोरी,
रति सर बोरी,
कीजै कृपा की कोर,
श्री राधे कीजै कृपा की कोर II
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