Bhajan Name – Vinti Karat Main To Haar Gaya Bhajan Lyrics ( विनती करत मैं तो हार गया भजन लिरिक्स )
Bhajan Lyric- Nitesh Sharma (Golu)
Bhajan Singer- Varsha Garg
Music Label- Varsha Garg
इतना क्यों निर्मोह़ी दातार भया,
विनती करत मैं तो हार गया,
इतना क्यों निर्मोह़ी दातार भया,
विनती करत मैं तो हार गया II
के के बोलूं थाने म्हारे सागे काई होई है,
सुखड़ लाग्या आंसू इतनी आंख म्हारी रोई है,
थारे सिवा बाबा म्हारो दूसरो ना कोई है,
बाबुल क्यों टावर ने यूँ बिसार गया,
विनती करत मैं तो हार गया,
इतना क्यों निर्मोह़ी दातार भया,
विनती करत मैं तो हार गया II
थासु छानी कोनी म्हारी कोई परेशानी है,
म्हे तो करली नादानी में बड़ी मनमानी है,
इतनी भी निष्ठुरता बाबा अबकी क्यों ठानी है,
थे तो पापी ने भी बाबा तार गया,
विनती करत मैं तो हार गया,
इतना क्यों निर्मोह़ी दातार भया,
विनती करत मैं तो हार गया II
थारे खाटू नगरी बाबा गोलू को घरानो है,
थारो म्हारो रिश्तो बाबा घणो ही पुरानो है,
आप ही निभाता आया आपने निभानो है,
थारे सेवा में ना दूजे द्वार गया,
विनती करत मैं तो हार गया,
इतना क्यों निर्मोह़ी दातार भया,
विनती करत मैं तो हार गया II
रैप- समझे मेरी बात को जज्बात को क्यों सावरे,
तेरे बिन मैं अधूरा अधूरा हूँ संवारे,
अब दूर करो परेशानी,
मेरी खबर लो शीश के दानी,
तेरी एक इशारे पर बाबा,
मेरी विपदा मिट जानी,
मेरे सामने ये संसार खड़ा ,
विनती करत मैं तो हार गया II