Bhajan Name- Vrindavan Mein Deewana Lyrics – Narci & Shagun Sodhi | Janmashtami Special
वृंदावन में दीवाना भजन लिरिक्स
Bhajan Lyric- Ravi Chopra, Narci & Traditional
Bhajan Singer- Shagun Sodhi
Rap: Narci
Music Label- Narci
एक झलक तो दिखा दो कन्हैया मुझे,
हे दयालु दया की दो छैयाँ मुझे,
एक झलक तो दिखा दो कन्हैया मुझे,
हे दयालु दया की दो छैयाँ मुझे,
पास अपने बिठा लो कभी दो घड़ी,
साँवरे थाम कर मेरी बैयाँ मुझे,
आस दर्शन की है मेरे मन में,
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में,
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में ।।
Rap: परिधान पे गौर करो ना दिल से कब का साधु,
राधा जी के पैर छुए जो वो मैं गिरता आँसू,
प्रेमी हूँ मैं पागल हूँ मैं गोपी हूँ श्रद्धालु,
दीवाना मैं बैरागी मैं भक्ति में बेकाबू,
ब्रजभूमि की मिट्टी हूँ मैं यमुना जी का पानी हूँ,
राधा जी की प्रिय सखी मैं कान्हा की दीवानी हूँ,
वृंदावन की कुंज गली में गूँज हरि के गीतों की,
मैं भटका हूँ मैं ध्यानी हूँ मैं ज्ञानी हूँ अज्ञानी हूँ,
वृंदावन में वास करूँ मैं बरसाना में बहता,
घाट किनारे बैठा हूँ मैं हरि भजन में रहता,
कोई जो पूछे कैसा हूँ मैं मीरा जी के जैसा,
मैं भी बनके दीवाना हाँ नाम प्रभु का लेता,
बिहारी जी के नैनों से मैं नैन मिलाने चलता हूँ,
राधा वल्लभ जी में बातें श्यामा जी से करता हूँ,
बरसाना की दीवारों पे “राधे राधे” पढ़ता हूँ,
बैठ किसी वीराने में छंद हरि पे लिखता हूँ,
मैं तो गोपी गीतों में थोड़ा सा तो रोता हूँ,
जब भी मेरी कलम उठे द्वापर में ही खोता हूँ,
विरह जब भी लिखता हूँ मैं पीड़ा का ही होता हूँ,
पीड़ा की दशा में भी हरि भरोसे सोता हूँ,
वृंदावन में दीवाना ये दीवाना है अनजाना,
कभी मिले ये परवाना तो हँस के आगे बढ़ जाना,
कोई जो पूछे कहाँ गया तो इतना ही बस कह देना,
वृंदावन में कवि तेरा बन चुका है श्रीदामा ।।
माथा रख दूँगी चरणन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में,
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में ।।
Rap: कान्हा जी की बंसी हूँ मैं सुर हूँ बहता बागों में,
मोर पंख में रहता हूँ मैं पीताम्बर के धागों में,
राधा जी के पैरों में तो लगा महावर जैसे हूँ,
पत्ता बनके झूल रहा हूँ निधिवन की शाखों में,
खुद को ऐसा रंग लिया है द्वापर की उस भूमि में,
खुद को देखूँ गैया में और कभी-कभी मयूरी में,
कभी मैं देखूँ पेड़ों में कभी वैजयंती माला में,
कभी चमेली फूलों में कभी हवन की धूनी में,
राधे राधे कहते हम तो राधा जी के हो गए,
राधा जी के पैरों पे ये माथा रख के सो गए,
गिरिराज की गिलहरी के जैसे मन ये चंचल है,
पेड़ कदंब पे कांधा रख के द्वापर में फिर खो गए,
प्रिय सखी ललिता द्वारा भेजा मैं पैगाम हूँ,
दीवाना है कहते मुझको बाकी मैं बेनाम हूँ,
वृंदावन की प्रातः हूँ मैं बरसाना की शाम हूँ,
प्रेम भाव से किया गया मैं सुंदर सा प्रणाम हूँ,
ढूँढ सको तो ढूँढो घुल चुका हूँ पूरा,
दीवारों में कुंज गली में एहसासों में डूबा,
दिख कर भी ना दिख सकूँगा ऐसा मैं कुछ खोया हूँ,
कहीं मिलूँगा पूरा तुमको और कहीं अधूरा,
वृंदावन में दीवाना ये दीवाना है अनजाना,
कभी मिले ये परवाना तो हँस के आगे बढ़ जाना,
कोई जो पूछे कहाँ गया तो इतना ही बस कह देना,
वृंदावन में कवि तेरा बन चुका है श्रीदामा ।।
श्यामा आन बसो वृंदावन में
मेरी उमर बीत गई गोकुल में
श्यामा आन बसो वृंदावन में
मेरी उमर बीत गई गोकुल में ।।
Rap: वृंदावन में दीवाना ये दीवाना है अनजाना
कभी मिले ये परवाना तो हँस के आगे बढ़ जाना
कोई जो पूछे कहाँ गया तो इतना ही बस कह देना
वृंदावन में कवि तेरा बन चुका है श्रीदामा ।।
PRODUCT NAME
SILAII Ayodhya Ram Mandir Replica Sculpture – 1 Feet, Antique Bronze
इसे भी पढे और सुने-
PRODUCT NAME
SILAII Ayodhya Ram Mandir Replica Sculpture – 1 Feet, Antique Bronze
SILAII Lord Hanuman Meditation
SILAII Lord Hanuman Meditation – Bajrang Bali Hanuman Murti
SILAII Lord Ganesha Idol
SILAII Lord Ganesha Idol – 6 Inch Small Ganesha Idol | Handmade Ganesh Murti
SILAIII 1008 Shiva Lingam
SILAIII 1008 Shiva Lingam Idol 6 Inch | Siva Lingam for Pooja | Shivling Sculpture for Home Temple & Spiritual Gift, Antique Bronze