Bhajan Name- Devadhidev Mahadev Bhajan Lyric
देवाधिदेव महादेव भजन लिरिक्स
Bhajan Lyric- Krishna Singh & Robin Raturi
Bhajan Singer- Hansraj Raghuwanshi
Music Label- Hansraj Raghuwanshi
काया माटी की मेरी,
इसकी क्या ही जात,
दो पल के जीवन की भोले,
क्या ही है औकात ।
मैं रसिक हूँ तेरे नाम का,
ये दुनिया बस एक भीड़,
मेरे जीवन का मोक्ष है,
बाबा तेरी दीद,
ओ देवाधिदेव महादेव रे,
बस कर दे एक उपकार रे,
तेरे दरस पाने को मेरी अखियाँ,
तरसी हैं दिन-रात रे,
ओ देवाधिदेव… ॥
था ना कुछ भी पास मेरे,
सब दिया तूने मुझे,
था ना कुछ भी पास मेरे,
सब दिया तूने मुझे,
जाने कितने रूप लेके,
थामा मेरा हाथ रे,
ओ देवाधिदेव महादेव रे,
बस कर दे एक उपकार रे,
तेरे दरस पाने को मेरी अखियाँ,
तरसी हैं दिन-रात रे,
ओ देवाधिदेव… ॥
बन जाती है बिगड़ी मेरी,
केवल जिनके नाम से,
ओ अविनाशी सबके स्वामी,
मेरे भोलेनाथ हैं,
जल-थल में, हर अंबर में,
हर नाद में, हर स्वर में,
मेरे आज में, मेरे कल में,
शामिल मेरे हर पल में,
दुनिया वाले क्या समझेंगे,
तुझसे मेरी प्रीत,
मेरे जीवन का मोक्ष है,
बाबा तेरी दीद,
ओ देवाधिदेव महादेव रे,
बस कर दे एक उपकार रे,
तेरे दरस पाने को तरसे अखियाँ,
मेरी बाबा,
ओ देवाधिदेव महादेव रे…
ओ देवाधिदेव महादेव रे… ॥