सेठा को यो सेठ सांवरा,
म्हारे मन ने भायो,
म्हारे मन ने भायो,
ई दुनिया में बहुत सेठ,
यो जगत सेठ कहलायो,
म्हारे मन ने भायो,
म्हारे मन ने भायो…..
सारी दुनिया देखि पर ना,
श्याम सो बड़ा व्यापारी,
उसका करदे ठाठ है करली,
जिसने श्याम से यारी,
खुली तिजोरी सदा ही राखे,
तालों नहीं लगायो,
म्हारे मन ने भायो,
म्हारे मन ने भायो…..
वो का करदे चार सेठ यो,
श्याम जी खाटू वालो,
मन को गोरो नहीं कोई इनसो,
बेशक तन को कालो,
मौज होवे उसकी जिसने,
खाते में नाम लिखायो,
म्हारे मन ने भायो,
म्हारे मन ने भायो….
सांवरिया ने कोई भी अपना,
हिस्सेदार बना ले,
शीश का दानी मुंह माँगा दे,
जो चाहे सो पा ले,
मालामाल करे उसने,
जिसपे यो कर दे सायो,
म्हारे मन ने भायो,
म्हारे मन ने भायो….
द्वारे पर जो भी जावे है,
झोली भर दे खाली,
श्याम सुन्दर और लख्खा की मेटी,
इसने ही कंगाली,
के राजा के रंक सभी ने,
श्याम को ही गुण गायो,
म्हारे मन ने भायो,
म्हारे मन ने भायो….
BHAJAN SINGER-LAKHBIR SINGH LAKKHA
-
तेरी कृपा का क्या श्याम कहना भजन लिरिक्स
-
हर बार कुछ गज़ब सा भजन लिरिक्स
-
पार मेरी कश्ती बाबा लगानी पड़ेगी भजन लिरिक्स
1 thought on “सेठा को यो सेठ सांवरा भजन लीरिक्स”