Bhajan Name- Vrindavan Vaas Chahiye Bhajan Lyric
वृंदावन वास चाहिए भजन लिरिक्स
Bhajan Lyric- Maharaj Shri Kunj Bihari Das Ji
Bhajan Singer- Maharaj Shri Kunj Bihari Das Ji
Music Label- SHRI SHYAM JAGAT
वृंदावन धाम को वास भलो,
जहाँ पास बहे यमुना पटरानी,
जो जन जाय के ध्यान धरे,
बैकुंठ मिले तिनको रजधानी,
वेद पुराण बखान करे,
सब संत मुनि तिनके मनमानी,
यमुना यमदूतन तारत है,
भव तारत है श्री राधिका रानी ॥
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए,
ओ मेरी रसना पे नाम श्री हरिदास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए ॥
वृंदावन वृंदावन वास चाहिए, वास चाहिए,
वृंदावन में रसिक मिलेंगे रहते भक्ति में डूबे,
उनकी कृपा से ही भजन बढ़ेगा,
तन-मन मस्ती में झूमे,
हो मुझे रसिकों से रस की वो प्यास चाहिए,
मुझे रसिकों से रस की वो प्यास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए,
हमे वृंदावन वृंदावन वास चाहिए,
हमे वृंदावन वृंदावन वास चाहिए, ॥
जैसे राखो वैसे रहूँगी पर दे दो वृंदावन,
नाम-धाम दो हृदय विराजे,
भटके नहीं मेरा मन,
ओ कहनी-रहनी बने विश्वास चाहिए,
कहनी-रहनी बने, विश्वास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए ॥
चाहे जो भी ले लो परीक्षा केवल आस तिहारी,
हाँ चाहे जो भी ले लो परीक्षा केवल आस तिहारी,
धामवास की दे दो भिक्षा श्यामा कुंजबिहारी,
मुझे निधिवन में निकले वो श्वास चाहिए,
मुझे निधिवन में निकले वो श्वास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए,
हमे वृंदावन वृंदावन वास चाहिए,
हमे वृंदावन वृंदावन वास चाहिए, ॥
हो जब प्राण निकलने वाले एक ध्यान हो मन में,
टटिया स्थान,रंगीली कुंज हो कुंज महल हो मन में,
टटिया स्थान रंगीली कुंज हो कुंज महल हो मन में,
श्री जी, स्वामी जू, गुरुदेव पास चाहिए,
श्री जी, स्वामी जू, गुरुदेव पास चाहिए।
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए,
हमे वृंदावन वृंदावन वास चाहिए,
हमे वृंदावन वृंदावन वास चाहिए, ॥